अपनी कमज़ोरियों को कैसे जानें? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)

वक्ता: विवेक का सवाल है कि हम अपनी कमजोरियों को कैसे जान सकते हैं| कैसे पता कि कुछ कमज़ोरी है? कैसे पता कि कुछ कमी है ही तुममें?
तुम एक ऐसे देश में पैदा हुए जिसके मन से अभी भी अंग्रेजों कि ग़ुलामी गयी नहीं है| तो यहाँ पर अभी भी तुम कितनी फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोलते हो, इस पर बड़ा ज़ोर दिया जाता है| तुम्हारी अंग्रेज़ी बहुत फर्राटेदार नहीं है तो तुमसे कह दिया गया कि ये तुम्हारी…
कई श्रोता (एक स्वर में): कमज़ोरी है|
वक्ता: हाँ| ये तुम्हारी कमज़ोरी है, या तुम्हारे समाज की मानसिकता है?
कई श्रोता (एक स्वर में): मानसिकता|
वक्ता: तुम एक ऐसे देश में पैदा हुए हो जहाँ पर गोरी चमड़ी पर बड़ा ज़ोर है| और तुम पैदा हुए हो सांवले| तुमसे कह दिया गया कि ये तुम्हारी…
कई श्रोता (एक स्वर में): कमज़ोरी है|
वक्ता: ख़ासतौर पर अगर तुम एक लड़की हो, तब तो ये बहुत बड़ी कमी है|
