दूसरों को प्रभावित कैसे करूँ? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2012)

वक्ता: हममें से कितने लोग हैं जिनके लिए ये सवाल कभी ना कभी महत्वपूर्ण हो जाता है, “*कैसे दूसरे को प्रभावित कर दूँ*?”
{सभी हाथ उठाते हैं}
वक्ता: इसका मतलब यह है कि यह सवाल हममें से सभी का है। तो हम इसे सुनेंगे भी ऐसे जैसे ये सवाल हमने पूछा है। यह सिर्फ एक का सवाल नहीं है। चलिए देखते हैं।
मुझे दूसरों को प्रभावित करना ही क्यों है? किसी को भी औरों को प्रभावित करना क्यों है? आप दूसरों को प्रभावित क्यों करना चाहते हैं? क्या वजह होती है जिसकी वजह से हम दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? कुछ कारण बताइए|
एक छात्र:अपनी अच्छी छवि बनाने के लिए।
दूसरा छात्र: सम्मान पाने के लिए।
वक्ता: हमारे पास दो सबसे प्रसिद्ध कारण हैं अब। पहला,अपनी अच्छी छवि बनाने के लिए और दूसरा, सम्मान पाने के लिए। ठीक!
अब, मैं ये क्यों चाहता हूँ कि दूसरे के मन में मेरी एक अनुकूल छवि बने? इस बात से यह कहकर पल्ला मत झाड़ लीजियेगा कि यह तो होता ही है। अगर यह हमारे साथ इतना अक्सर होता ही है तो हमें इसे जांचना होगा। क्योंकि फिर इन्ही बातों से ज़िन्दगी ऊपर-नीचे हो जाती है। यही वो चीज़ें हैं जो हमारी दैनिक ज़िन्दगी बनाती हैं। ऐसा क्यों है कि मैं इतना उत्सुक और चिंतित हूँ एक छवि बनाने के लिए?

