🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ वीडियो जानकारी: 09.11.2015, बोधस्थल, नॉएडा, भारत Title : तुम्हारी प्रकृति है भूल जाना, और स्वभाव भूलकर भी न भूल पाना ||आचार्य प्रशांत, संत दादूदयाल पर (2015) 📋 वीडियो अध्याय (Chapters) 0:00 – भूमिका 00:50 – संत दादूदयाल: मन – माणिक या धूल? 05:57 – विचलन की प्रवृत्ति: मन क्यों भटकता है? 11:31 – गुरु-शिष्य संबंध: हीरा ही हीरे को पहचानता है 20:12 – मजबूरी में चुनाव मत करो 25:34 – संत दादू का संदेश: मन को सँभालो 31:04 – संसार के पार गुरु ही ले जाएंगे 40:29 – दूसरों का डर हमारा विचार कैसे बन जाता है? 49:46 – भिखारी बनाम राजा: हम अपनी पहचान क्यों भूल जाते हैं? 54:21 – जागो और अपनी वास्तविकता को पहचानो 58:40 – समापन प्रसंग: ~ हमारी प्रकृति क्या है? ~ हमारा स्वभाव क्या है? ~ हम अपना स्वभाव भूल क्यों जाते है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~