🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ वीडियो जानकारी: शब्दयोग सत्संग, 10.1.13, अद्वैत बोधस्थल, ग्रेटर नोएडा, भारत Title : द्वैत क्या है? || आचार्य प्रशांत, गुरु कबीर पर (2013) 📋 वीडियो अध्याय (Chapters) 00:00 – भूमिका 00:01 – विविधता का भ्रम: जगत या मन की उपज? 10:57 – नर्क क्या है? 19:40 – "मैं" का भ्रम: पहचान की जंजीरें 33:41 – द्वैत से अद्वैत 38:05 – दिन और रात: एक ही सिक्के के दो पहलू 45:37 – समापन प्रसंग: ~द्वैत क्या है? ~द्वैत और अद्वैत में क्या अंतर है? ~अद्वैत क्या है? ~द्वैत को कैसे समझें? ~द्वैत के पीछे अद्वैत है,' ऐसा क्यों कहा जाता है? ~मन द्वैत में क्यों जीता है? ~मन को एकात्मक कैसे करें? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~ दोहा: कोई कहे तिन ही को दोजख, जिन नाहिन पहिचाना। एक पवन, एक ही पानी, एक ज्योति संसारा। ~ गुरु कबीर