संस्था से संपर्क हेतु इस फॉर्म को भरें: http://acharyaprashant.org/enquiry?formid=201 या कॉल करें: +91- 9650585100/9643750710 आप अपने प्रश्न इस नम्बर पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं: +91-7428348555 ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत संग ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए: https://solutions.acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत से मुलाकात हेतु, और उनकी जीवनी, कृतित्व, पुस्तकों, व मीडिया के लिए: https://acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ इस अभियान को, और लोगों तक पहुँचाने में आर्थिक सहयोग दें: http://acharyaprashant.org/donate ~~~~~~~~~~~~~ वीडियो जानकारी: शब्दयोग सत्संग, 24.3.18, हुमायूँ का मकबरा, दिल्ली, भारत प्रसंग: ~ दूसरों को जज करना सही या गलत? ~ जज करने का क्या अर्थ है? ~अपन मूल्यांकन कैसे करें? ~ अपने भीतर की कमियाँ कैसे दूर करें? ~ हमें दूसरे के भीतर की कमियाँ दिख जाती हैं पर अपने अंदर क्यों नहीं? ~ ईसा मसीह ने ऐसा क्यों कहे की दूसरे को जज मत करों? ~ जीवन में इतना संशय क्यों है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~