संस्था से संपर्क हेतु इस फॉर्म को भरें: http://acharyaprashant.org/enquiry?formid=201 या कॉल करें: +91- 9650585100/9643750710 आप अपने प्रश्न इस नम्बर पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं: +91-7428348555 ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत संग ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए: https://solutions.acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत से मुलाकात हेतु, और उनकी जीवनी, कृतित्व, पुस्तकों, व मीडिया के लिए: https://acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ इस अभियान को, और लोगों तक पहुँचाने में आर्थिक सहयोग दें: http://acharyaprashant.org/donate ~~~~~~~~~~~~~ वीडियो जानकारी: शब्दयोग सत्संग, 28.7.17, जिम कॉर्बेट, रामनगर, भारत प्रसंग: ~ क्या है जो समझ के परे है? ~ क्या जो समझ के परे है वही अद्भुत होता है, जैसे ईश्वर? ~ मन क्या है? ~ मन इतना धूर्त क्यों होता हैं? ~ अज्ञेयता का मतलब क्या होता है? ~ क्या ब्रह्म को जाना जा सकता है? ~ जब -जब कण -कण में ईश्वर है फिर दिखाई क्यों नहीं पड़ता है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~