🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant वीडियो जानकारी: 25.03.23, आचार्य प्रशांत कार्यशाला, ऋषिकेश Title: ज़रूरी काम में भी मन नहीं लगता? (Attention, Concentration, Focus) || आचार्य प्रशांत (2023) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:22 - अटेंशन (Attention), फोकस (Focus) और कंसंट्रेशन (Concentration) का परिचय 1:02 - अटेंशन का अर्थ 2:08 - अट्रैक्शन और अटेंशन में अंतर 4:00 - अनुभव और अटेंशन 5:18 - फोकस का अर्थ 6:52 - कंसंट्रेशन और अटेंशन का अंतर 8:58 - कंसंट्रेशन का महत्व 11:23 - जागरूकता और चॉइस 14:50 - निर्णय और चुनाव 16:20 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने "अटेंशन", "फोकस" और "कंसंट्रेशन" के बीच के अंतर को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि अटेंशन का अर्थ है किसी विषय या वस्तु पर ध्यान केंद्रित करना, जबकि फॉक्स का मतलब है किसी चीज़ पर अपनी इच्छाओं के अनुसार ध्यान लगाना। कंसंट्रेशन का संबंध भी इसी से है, लेकिन यह अधिक गहराई से किसी विषय पर ध्यान केंद्रित करने का कार्य है। आचार्य जी ने यह भी बताया कि अटेंशन में व्यक्ति अपने अनुभव को समझता है, जबकि फॉक्स में व्यक्ति अपनी इच्छाओं के अनुसार किसी चीज़ का अनुभव करता है। उन्होंने यह भी कहा कि ध्यान (अटेंशन) में सत्य की खोज होती है, जबकि कंसंट्रेशन में केवल इच्छाओं का पालन होता है। आखिर में, उन्होंने यह बताया कि जागरूकता और चॉइस के बीच का संबंध कैसे है, और यह कि हमें अपने निर्णयों पर सवाल उठाने की आवश्यकता है ताकि हम सही दिशा में आगे बढ़ सकें। प्रसंग: ~ क्या प्रचलित मेडिटेशन एक झूठ है? ~ ध्यान क्या है? ~ ध्यान के अर्थ को कैसे समझें? ~ कुण्डलिनी क्या है? ~ असली ध्यान किसे कहते हैं? ~ ध्यान और प्रेम में क्या सम्बन्ध है? ~ ध्यान करते समय किन सावधानियों को बरतना चाहिए? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~