संस्था से संपर्क हेतु इस फॉर्म को भरें: http://acharyaprashant.org/enquiry?formid=201 या कॉल करें: +91- 9650585100/9643750710 आप अपने प्रश्न इस नम्बर पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं: +91-7428348555 ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत संग ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए: https://solutions.acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत से मुलाकात हेतु, और उनकी जीवनी, कृतित्व, पुस्तकों, व मीडिया के लिए: https://acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ इस अभियान को, और लोगों तक पहुँचाने में आर्थिक सहयोग दें: http://acharyaprashant.org/donate ~~~~~~~~~~~~~ वीडियो जानकारी: शब्दयोग सत्संग, 24.7.17, नानतिन कैंप, नैनिताल, उत्तराखंड, भारत प्रसंग: यह विडियो २४ जुलाई, २०१७ को आचार्य जी के सान्निध्य में हुए 'बच्चों व अभिभावक संग बोध शिविर' में रिकॉर्ड किया गया था। शिविर के दौरान, शाम को, आचार्य जी सत्र में समझाते हैं कि किस प्रकार संसार में सब कुछ बाहरी है, और इसीलिए, सब कुछ बाहरी जानते हुए, हमें हर चीज़ के साथ उचित व सम्यक रिश्ता होना चाहिए, और यह समझाते ही, आचार्य जी, यह गीत गाने लगते हैं बाल दिवस के उपलक्ष में, यह विडियो, बच्चों व अभिभावकों को एक प्रेरणा स्त्रोत के रूप में प्रस्तुत की जा रही है, इससे अवश्य सीख लें- ~ बाल दिवस का क्या महत्व है? ~ How to celebrate children's day? ~ बाल दिवस कैसे मनाना चाहिए? ~ बच्चों को सही शिक्षा कैसे दें? ~ युवाओं को प्रेरणा कैसे मिले? ~ बच्चों को अध्यात्म की राह कैसे सुझाएँ? ~ बच्चों के साथ सही रिश्ता कैसे रखें? ~ बाल दिवस पर आचार्य प्रशांत का क्या सन्देश है? ~ अपने-पराये का सही अर्थ क्या है? ~ बच्चों का भविष्य सुनहरा हो सके, इसके लिए क्या करना होगा? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~