🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant वीडियो जानकारी: वेदांत महोत्सव, 27.05.2022, शास्त्र कौमुदी 21.06.2022, ग्रेटर नॉएडा Title: bahar aao jawan! wo bula rahi hai || Acharya Prashant 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 1:04 - गीता अध्याय 2.58 1:56 - इंद्रियों का संयम 4:39 - कृष्ण का व्यक्तित्व 10:05 - कृष्ण का नृत्य 14:50 - आत्म-निरीक्षण का महत्व 16:02 - भीतर की लड़ाई और बाहरी संगति 21:10 - भीतर की कुसंगति का प्रभाव 25:54 - भीतर के कचरे को पहचानना 31:46 - सच्चाई का सामना करना 39:00 - कृष्ण का संदेश और जीवन की सच्चाई 45:00 - आत्मनिर्भरता का वास्तविक अर्थ 47:45 - अहंकार और मजबूरी 53:53 - संस्था की मेहनत 57:24 - संसार की व्यवस्था 1:02:50 - प्रकृति का खेल 1:07:12 - आध्यात्मिकता का सही उपयोग 1:13:00 - गलत त्याग 1:15:50 - अहंकार की चालाकी 1:17:45 - भीतर के गुरु की जागृति 1:21:43 - समापन प्रसंग: यदा संहरते चायं कूर्मोऽङ्गानीव सर्वशः। इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता।। जिस प्रकार कछुआ अपने अंगों को अपने भीतर सिकोड़ लेता है उसी प्रकार, जब ज्ञानी अपनी इन्द्रियों को अपने भीतर सिकोड़ लेता है तब उसकी बुद्धि सत्य में प्रतिष्ठित हो जाती है। श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय २, श्लोक ५८) ~ इन्द्रिया को वश में कैसे करें? ~ इन्द्रियों की उत्पत्ति कैसे हुई? ~ इन्द्रियों को नियंत्रित कैसे करें? ~ इन्द्रियाँ माने क्या हैं? ~ इन्द्रियाँ कहाँ से आती है? ~ इन्द्रियाँ सिर्फ शरीर के लिए क्यों काम करती है? ~ इन्द्रियों की प्रकृति को कैसे समझें? ~ क्या मन भी एक इन्द्रिय है?/ क्या मन इन्द्रियों का आधार है? ~ क्या इन्द्रिय सुख से तृप्ति संभव है? ~ एक सम्यक जीवन में इन्द्रियों का क्या महत्व है? ~ इन्द्रियों की जीवन में क्या उपयोगिता है? ~ क्या मन और इन्द्रिया दोनों एक ही हैं? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~