एक गलती ने मुझे बहुत गलत जगह फँसा दिया है। क्या करूँ? || आचार्य प्रशांत (2023)
आचार्य प्रशांत
(गीता-30) जिनका मन बहुत भागता हो, वे ध्यान से सुनें || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2023)
तूने बुरे से बुरा किया, पर मेरा क्या बिगाड़ लिया?(ज़ख्म चाटते रहना कायरता है)|| आचार्य प्रशांत(2023)
लोगन राम खिलौना जाना || आचार्य प्रशांत (2024)
जब दर्शन गिरता है, तब देश गिरता है || आचार्य प्रशांत (2023)
हर काम समाज से पूछकर नहीं किया जाता || आचार्य प्रशांत (2023)
कोई आपको चुपचाप गुलाम बना रहा है, सावधान! || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2023)
प्रपोज़ करने गया था, डर के मारे गीता का श्लोक सुनाकर आ गया || आचार्य प्रशांत (2023)
दो साल के बेटे के विवाह का घोर तनाव || आचार्य प्रशांत (2023)
जीवन में अकेलापन है? ये रहा समाधान || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2023)
मेरे देश की युवा ताकत बेहोश और मदहोश - किसने किया ये? || आचार्य प्रशांत, राष्ट्रीय युवा दिवस (2024)
स्वामी विवेकानंद का दर्दनाक संघर्ष, अपनों के ही विरुद्ध || आचार्य प्रशांत (2024)
वो तुम्हें शर्मिंदा करके झुकाते हैं, तुम बेशर्म हो जाओ || आचार्य प्रशांत (2023)
जब लगे कि नाइंसाफ़ी हुई है आपके साथ || आचार्य प्रशांत (2023)
ये शांति झूठी है - इससे बेहतर है दौड़ो, दहाड़ो, विद्रोह करो! || आचार्य प्रशांत (2023)
प्यार को रिश्ते का नाम देने से पहले || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)
इंसान खिलौना नहीं, रिश्तों से ऐसे नहीं खेलते! || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)
शादी माने क्या? प्रेम विवाह बेहतर है? || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)
इतना चाहा, जान लगा दी, पाया क्या? || आचार्य प्रशांत, बौद्ध दर्शन पर (2023)
ये दुख खत्म काहे नहीं होता? वजह बहुत अजीब है || आचार्य प्रशांत (2023)
गृहणी होना बेहतर है, या कामकाजी महिला? || आचार्य प्रशांत (2023)
(गीता-29) अर्जुन का एक भोला सवाल, और श्रीकृष्ण का अद्भुत जवाब|| आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2023)
तू लड़ती रह, तेरे घूँसे रुकें नहीं || राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता, आचार्य प्रशांत (2023)
नववर्ष संदेश || आचार्य प्रशांत (2023)
खुलकर जीती हूँ तो लोग बदचलन बोलते हैं || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2023)
एक शानदार देश, उसके विचित्र लोग, उनकी सिरफिरी कहानी (दिल कड़ा करके सुनें) || आचार्य प्रशांत (2023)
मैं बहुत अच्छा आदमी हूँ और सबका भला चाहता हूँ, लेकिन... || आचार्य प्रशांत (2023)
ज़िंदगी की तकलीफ़ों को करारा जवाब || आचार्य प्रशांत (2023)
जिम जाती हूँ, फिर दुगना खाती हूँ - 'लूज़र' ज़िंदगी से कैसे बचूँ? || आचार्य प्रशांत (2023)
बॉस ने कहा 8 घंटे बहुत कम हैं, 12 घंटे काम किया करो || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2023)