माला तिलक पहन मनमाना, लोगन राम खिलौना जाना || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
आचार्य प्रशांत
अमीरों की अमीरी बढ़ी, गरीबों की गरीबी बढ़ी, और हमने बजाई ताली || आचार्य प्रशांत (2024)
जो सही हो वो करो, चाहे पसंद हो या नापसंद || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2024)
हफ़्ते में 90 घंटे काम करो, मैंने सैलरी देकर तुम्हें खरीद लिया है || आचार्य प्रशांत (2025)
कुंभ: झूठ के सागर में खो गया सच का अमृत || आचार्य प्रशांत (2024)
(गीता-49) उसे सौंप दो, उसे संभालने दो, तुम रास्ते से हटो || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
इनोसेंस (निर्दोषता) और इग्नोरेंस (अज्ञानता) का महीन फ़र्क: नहीं समझे तो फँसे || आचार्य प्रशांत(2024)
एक ही है जिसके लिए सजना है, रिझाना है || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
दुनिया जलती है हमसे, इसीलिए भारत को नोबेल प्राइज़ नहीं मिलता || आचार्य प्रशांत (2024)
2025: आर-पार का फैसला होगा इस साल || आचार्य प्रशांत
उनके लिए जो स्वयं को कमज़ोर या हीन समझते हैं || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2024)
(गीता-48) अंधी कामना अधिक बुरी है, या अंधा त्याग? || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
धर्म का विकृत व प्रचलित रूप है "लोकधर्म" || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2024)
जनसंख्या विस्फोट: समस्या सामने है, कब तक मुँह चुराओगे? || आचार्य प्रशांत (2024)
आज़ादी चाहिए तो पहले मानो कि गुलाम हो (धोखे अहंकार के) || आचार्य प्रशांत (2024)
दुनिया की गंदगी से बचा लो इन बच्चों को || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2024)
धन से संतुष्टि क्यों नहीं मिलती? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2024)
सोशल मीडिया, पॉडकास्ट और तंत्र-मंत्र का खेल || आचार्य प्रशांत (2024)
गलत रिश्तों के नर्क से बाहर कैसे निकलें? || आचार्य प्रशांत (2024)
क्या आपका भी मन बहुत भटकता है? || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2024)
बिग बॉस इसलिए चलता है… || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2024)
सोशल मीडिया बैन: गलत कंटेंट से बचने का सही उपाय? || आचार्य प्रशांत (2024)
डॉक्टर की दवा नहीं, बाबाजी की बूटी चाहिए || आचार्य प्रशांत (2024)
दो कैदी अगर साथ रहते हों, तो उसे प्यार नहीं कहते || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2024)
AQI 500: किसने घोला ज़हर हवाओं में || आचार्य प्रशांत (2024)
(गीता-47) बुरी है बिना ज्ञान की कामना, और बुरा है बिना ज्ञान के त्यागना || आचार्य प्रशांत (2024)
जिन्हें भविष्य की चिंता ज़्यादा सताती हो || आचार्य प्रशांत (2024)
बाप-बेटे के रिश्ते की कहानी || आचार्य प्रशांत (2024)
उसे कैसे बताऊँ कि मैं उसे अब पसंद नहीं करता, कभी प्यार था अब नहीं है || आचार्य प्रशांत (2024)
मौज का सूत्र: ‘मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता’ || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2023)