Knowing that doesn’t turn into living is not knowing at all || Acharya Prashant (2019)
Acharya Prashant
Greatness is possible in the world, never be cynical ||Acharya Prashant, on 'The Fountainhead'(2019)
The false spiritual speaker, and his charming words || Acharya Prashant, on 'The Fountainhead'(2019)
On knowing greatness, and yet standing opposed to it ||Acharya Prashant, on 'The Fountainhead'(2019)
ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
आचार्य प्रशांत
दुनिया को तो समझो ही, और कुछ और भी || आचार्य प्रशांत, अमृतबिन्दु उपनिषद् पर (2019)
तुम आधे हो, तुम्हें पूरा होना है || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
जब लगता है जगे हैं, तब भी हम जगे कहाँ? || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
जब प्रेम नहीं होता,तब साधना की हज़ार विधियों की ज़रुरत होती है || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
ऐश्वर्य बिना जीना क्या || आचार्य प्रशांत (2019)
जो गोली-टैबलेट खाकर शांत होना चाहते हों || आचार्य प्रशांत (2018)
सच्चा गुरु मिलता क्यों नहीं? || आचार्य प्रशांत, गुरु नानकदेव प्रकाश पर्व पर (2019)
The opposite of falseness is just another falseness || Acharya Prashant (2019)
Be simple, follow the simple Truth || Acharya Prashant, on 'The Fountainhead' (2019)
Knowing that brain is chemical, why do I still suffer?||Acharya Prashant,on 'The Fountainhead'(2019)
माँ के गर्भ को, और जन्म लेने को, दुःख क्यों माना गया? || आचार्य प्रशांत, आचार्य शंकर पर (2019)
चम्पू चूहा और चार सौ करोड़ का बिल || आचार्य प्रशांत (2019)
Spirituality and veganism || Acharya Prashant (2017)
क्या ध्यान को वैज्ञानिक तौर से मापा जा सकता है? || आचार्य प्रशांत (2019)
कैसा होगा एक सच्चा आदमी? || आचार्य प्रशांत (2019)
बुद्ध न तो बुद्ध की छवि हैं, न ही कुछ और || आचार्य प्रशांत, ज़ेन पर (2019)
घर फूँकने को क्यों कहा संतों ने? || आचार्य प्रशांत, कबीर साहब पर (2019)
आचार्य जी, घर वापस जाकर आपकी सीख भूल जाऊँगा || आचार्य प्रशांत (2019)
कोई भी गाड़ी चढ़ गए, कोई भी दवाई खा ली || आचार्य प्रशांत (2019)
आचार्य जी, आपको सुनकर नींद आती है || आचार्य प्रशांत (2019)
The bewildering complexity of Dominique || Acharya Prashant, on 'The Fountainhead' (2019)
प्रदूषण हुआ, पृथ्वी तबाह हुई, तुम्हारे घर खुशियाँ तो आईं || आचार्य प्रशांत (2019)
क्या पूर्वजन्म के कर्मों का फल इस जन्म में मिलता है? || आचार्य प्रशांत (2019)
मन्त्र, भजन, कीर्तन, जप, सुमिरन: अभिव्यक्ति के चार तल || आचार्य प्रशांत (2019)
दूसरों की उम्मीदें पूरी करना कितना आवश्यक है? || आचार्य प्रशांत (2019)