सही काम न कर पाना बदतर है मर जाने से || आचार्य प्रशांत (2018)
आचार्य प्रशांत
प्रेम माने क्या? || आचार्य प्रशांत (2018)
शरीर की कोई भी क्रिया-प्रक्रिया चेतना को चैन नहीं दे देगी || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
इच्छा पूरी होने के बाद भी असंतुष्टि क्यों रहती है? || आचार्य प्रशांत (2018)
सही चुनौती औऱ सही तकलीफ़ चुनो || आचार्य प्रशांत (2018)
अगर मृत्यु की चिंता सताती हो || आचार्य प्रशांत (2018)
तर्क कितना ज़रूरी है? || आचार्य प्रशांत (2018)
If you love them, be prepared to wait for their freedom || Acharya Prashant (2018)
Acharya Prashant
Seeing all change, I stay as I am || Acharya Prashant, on Ashtavakra Gita (2019)
सच की हिफाज़त करना सीखो || आचार्य प्रशांत (2019)
क्या भाग्य बदला जा सकता है? || आचार्य प्रशांत (2019)
Uncover Keating and Toohey, before discovering Roark || Acharya Prashant, on The Fountainhead (2019)
झूठ से फ़ुर्सत पा लो, फिर सच की बात करना || आचार्य प्रशांत (2018)
Sharing is division, or is sharing multiplication? || Acharya Prashant, on 'The Fountainhead' (2019)
करने वाला ही गलत हो, तो काम सही कैसे होगा? || आचार्य प्रशांत (2018)
सही अभिभावक की पहचान || आचार्य प्रशांत (2018)
विनम्रता की क्या ज़रूरत? || आचार्य प्रशांत (2019)
वो जगह जो कृष्ण की नहीं है || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
मौत से मुँह छुपाने वाले || आचार्य प्रशांत (2019)
What is the Love that saints sing of? How is it different from self-love? || Acharya Prashant (2018)
ईश्वर के मनुष्य रूप में धरती पर आने का अर्थ || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
नाम बदल-बदल कर कहाँ पहुँचना चाहते हो? || आचार्य प्रशांत (2019)
The core matter of all your matters || Acharya Prashant, on Guru Kabir (2018)
जीवन सीखने के तीन तरीके || आचार्य प्रशांत, अध्यात्म उपनिषद् पर (2019)
दुनिया को तो समझो ही, और कुछ और भी || आचार्य प्रशांत, अमृतबिन्दु उपनिषद् पर (2019)
किस चीज़ का अभ्यास करें? || आचार्य प्रशांत, संत लल्लेश्वरी पर (2019)
Has human evolution served any real purpose? || Acharya Prashant (2018)
कर्मयोग क्या सिखाता है? || आचार्य प्रशांत (2019)
दूसरों पर निर्भर गृहस्थ महिला कैसे बढ़े मुक्ति की ओर? || आचार्य प्रशांत, संत लल्लेश्वरी पर (2019)
गुरु से जुड़ना है, या आश्रम की भीड़ से? || आचार्य प्रशांत (2019)