जो जीवन को मृत्यु जाने, वो मृत्यु के पार हुआ || आचार्य प्रशांत, आजगर गीता पर (2020)
आचार्य प्रशांत
सम्मान का वास्तविक अर्थ || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)
क्षेत्र, क्षेत्रज्ञ, भोक्ता, साक्षी || आचार्य प्रशांत, वेदांत पर (2020)
सच को सम्मान दो, झूठ अपनेआप पीछे हटेगा || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
ट्विटर पर हर आदमी जाँबाज़ सूरमा कैसे बन जाता है? || आचार्य प्रशांत (2020)
बेटा समझ गया, बाप क्यों न समझा? || आचार्य प्रशांत, पुत्र गीता पर (2020)
शरीर को इतना महत्व देना ज़रूरी? || आचार्य प्रशांत (2020)
जीवन के बाद क्या है? || आचार्य प्रशांत, वेदांत पर (2020)
आचार्य जी, क्या आप खुद डरे हुए नहीं हैं? || आचार्य प्रशांत, आइ.आइ.टी दिल्ली में (2020)
छल कपट वाले व्यवसाय में काम करने की मजबूरी || आचार्य प्रशांत (2019)
जाना पर जिया नहीं, तो जीने में जान कहाँ || आचार्य प्रशांत (2020)
हम आपका कर्ज़ कैसे उतार पाएँगे? || आचार्य प्रशांत (2020)
किसने कह दिया राजनीति में धर्म नहीं होना चाहिए? || आचार्य प्रशांत (2019)
समझो तो कि चाहिए क्या || आचार्य प्रशांत, वेदांत पर (2020)
Why does God allow so much evil in the world? || Acharya Prashant (2020)
Acharya Prashant
रोज़मर्रा का गुस्सा और डर || आचार्य प्रशांत, आइ.आइ.टी दिल्ली में (2020)
श्रद्धाहीन ज्ञान सिर्फ़ तड़प है || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
कैसे जानूँ अपनी राह? || आचार्य प्रशांत, आइ.आइ.टी कानपुर के साथ (2020)
Prakriti and Purusha || Acharya Prashant (2020)
संसार को जाने बिना उससे मुक्त कैसे होओगे? || आचार्य प्रशांत (2019)
मेहनत या स्मार्टनेस? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
गलत ज़िंदगी, और गलत काम की आदत || आचार्य प्रशांत (2020)
गुरु चाहिए ही क्यों? चेतना के दो तल || आचार्य प्रशांत (2020)
जो अपने लिए कुछ नहीं करते, वो ये करें || आचार्य प्रशांत, केदारनाथ यात्रा पर (2019)
खुफ़िया अनुभव चाहिए? || आचार्य प्रशांत के नीम लड्डू
मन की बकवास से छुटकारा कैसे पाएँ? || आचार्य प्रशांत (2018)
कुछ अच्छा करने से परिवार का नाम खराब होता हो तो || आचार्य प्रशांत (2020)
खेल का मैदान, खिलाड़ी परेशान || आचार्य प्रशांत (2019)
What is the 'I am' mantra? || Acharya Prashant, on Nisargadatta Maharaj (2020)
Atma does not reside in the body,nor does Atma ever leave the body||Acharya Prashant,on Bhagvad Gita