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Animal Cruelty

सबसे सस्ता प्रोटीन किसमें? || नीम लड्डू
Animal Cruelty
सबसे सस्ता प्रोटीन किसमें? || नीम लड्डू
1min
11reads

“माँसाहार गरीबों के लिए वरदान है क्योंकि माँसाहार के माध्यम से गरीबों को सस्ता प्रोटीन मिल जाता है।“ १ ग्राम प्रोटीन अगर आप मटन से लेते हैं तो लगते हैं ३ रुपये। उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप अंडे से लेते हैं तो लगते हैं १ रुपय ३० पैसे,…

संडे हो या मंडे...  || नीम लड्डू
Clarity
संडे हो या मंडे... || नीम लड्डू
2min
12reads

प्रश्नकर्ता: अंडा तो वेजिटेरियन (शाकाहारी) ही है, अंडा से तो होता है नॉन- फर्टीलाइज़्ड, चूजा तो निकलेगा नहीं।

आचार्य प्रशांत: बात ये थोड़े ही है कि वह पेड़ पर लटका मिला कि नहीं लटका मिला। यह भी तो देखो वह अंडा आया कहाँ से, मुर्गी स्वेच्छा से आकर के…

ये बात कोई सुनना नहीं चाहता! || नीम लड्डू
Clarity
ये बात कोई सुनना नहीं चाहता! || नीम लड्डू
2min
9reads

प्रश्नकर्ता: अगर दूध का आप बहिष्कार करते हैं तो गाय की बिलकुल ही बेकद्री हो जाएगी।

आचार्य प्रशांत: ये बात पता नहीं क्यों हमारे दूध पीने वाले भाई-बहन सोचते ही नहीं बिलकुल कि जिस दिन गाय ने दूध देना बंद कर दिया उस दिन वो गाय पालने वाले के लिए,…

पशुबलि का सच || नीम लड्डू
Confusion
पशुबलि का सच || नीम लड्डू
1min
11reads

एक बेज़ुबान निरीह को पकड़ कर काट दिया, उसका माँस पका कर खा गए – इससे कौन-सी परम सत्ता आपको आशीर्वाद देने वाली है, बताइए ज़रा? इससे आसमानों से फूल बरसेंगे आप पर? क्या तुक है!

जब बात की जाती है पशु बलि की, तो वास्तव में कहा जाता है…

जीवन बदलेगा! जान तो लगाओ! || नीम लड्डू
Animal Cruelty
जीवन बदलेगा! जान तो लगाओ! || नीम लड्डू
2min
14reads

मैं इंदिरापुरम की ओर से निकल रहा था, तीन-चार साल पहले की बात है। अचानक मेरी गाड़ी के सामने दौड़ता हुआ एक मुर्गा आ गया। वो छूट कर भागा, वो सड़क की तरफ़ आ गया कि, ‘गाड़ी से कुचल कर मर जाऊँगा तो मर जाऊँगा, पर इसके साथ रहना मंज़ूर…

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Why do I restless
Hindi article on restlessness by AP
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रक्षा बंधन पर आचार्य प्रशांत का संदेश
\"रक्षाबंधन एक स्मरण हो सकता है कि हम सब मिलकर उस विवेक, उस करुणा की रक्षा करें जो जीवन को जीवन बनाती है। यह पर्व केवल उपहारों का आदान-प्रदान न रह जाए, बल्कि यह एक ऐसा संकल्प बन जाए जिसमें हम एक-दूसरे के आत्मबल और ऊंची चेतना के
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स्मोक टेस्ट हिन्दी लेख 16 अगस्त 2026
हिन्दी स्मोक टेस्ट लेख का संक्षिप्त विवरण।
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गुरु के प्रति धन्यवाद कम क्यों हो जाता है? आचार्य प्रशांत (2017)
अब देखिएगा, क्या हो रहा है। कोई कृतज्ञ कब अनुभव करेगा? जब पहले उसकी हालत ख़राब हो और कोई बचाए। आपके भीतर अभी यह इच्छा शेष है कि आप कृतज्ञ अनुभव करती रहें और कृतज्ञता अनुभव करने के लिए ज़रूरी है कि कुछ गड़बड़ हो और फिर उस गड़बड़ से आप उबार ली जाएँ। तो फिर आप कृतज्ञ अनुभव करेंगी कि, अरे, मेरा सौभाग्य कि मुझे किसी ने बचा लिया।
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Who controls your mood?
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जीवन-मरण का ये चक्र चल क्यों रहा है? || आचार्य प्रशांत, वेदांत पर (2021)
जन्म-मरण का चक्र क्यों है? इसका अर्थ यही नहीं है कि शिष्य बस इतना ही पूछना चाहता है कि कोई जन्मता क्यों है, कोई मरता क्यों है, चक्र क्यों चल रहा है। वो वास्तव में सबकुछ पूछ रहा है, सबकुछ। अब ये पढ़ने वाले की बुद्धि पर है कि वो इस बात को समझ जाए कि इतना ही नहीं पूछा गया है कि जन्म-मरण का चक्र क्यों है।
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“माँसाहार गरीबों के लिए वरदान है क्योंकि माँसाहार के माध्यम से गरीबों को सस्ता प्रोटीन मिल जाता है।“ १ ग्राम प्रोटीन अगर आप मटन से लेते हैं तो लगते हैं ३ रुपये। उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप अंडे से लेते हैं तो लगते हैं १ रुपय ३० पैसे, उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप चिकन से लेते हैं तो लगता हैं १ रुपया।
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Who controls your mood?
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Why do I restless
This article is related to restlessness.
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What does love mean?
You must know what is love. How it shapes your life.
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शिव-शक्ति
नवरात्र का माहौल है। शक्ति के बारे में कुछ बातें करना प्रासंगिक रहेगा। शिव केंद्र हैं, शिव सत्य हैं। शिव वो हैं जिन तक मन, 'मन' रह कर नहीं पहुंच सकता। शिव को तो रहस्य रहना है सदा। शक्ति, मन है, संसार है। शिव में स्थिरता है, अचलता है।
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राधा-कृष्ण में भी तो प्रेम था, तो आप हमारे प्रेम को सम्मान क्यों नहीं देते?
कृष्ण का खुद ऊँचा होना, कृष्ण के पूरे जीवनवृत्त में, उनकी ज़िंदगी की जो पूरी कहानी है उसमें और श्री कृष्ण की प्रेमकथा में एक सूत्र है जो साझा पिरोया हुआ है। गीता की ऊँचाई, कृष्ण के जीवन की ऊँचाई, और कृष्ण के प्रेम की ऊँचाई तीनों एक हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि कृष्ण बहुत ऊँचे हों और उनका प्रेम निचले तल का हो जाए। ये संभव नहीं है।
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लोकमत न्यूज़ – "स्वतंत्रता दिवस: वास्तविक स्वतंत्रता क्या है
\"स्वतंत्रता कोई उपहार नहीं, बल्कि एक उपलब्धि है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं अर्जित करना पड़ता है। राजनीतिक स्वतंत्रता हमें विरासत में मिल सकती है, किंतु मानसिक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता के लिए सतत प्रयास
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NDTV Column hindi
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कर्म और अतीत से मुक्ति कैसे मिले ?
इन सब से मुक्ति का एक ही तरीका है, वो बचो ही नहीं जो मूर्ख जाकर के दुनिया से, जगत से, प्रकृति से कामना पूर्ति की आशा रखता था, वो बचो ही नहीं। उसके अलावा और तुम कितने भी हथकंडे लगा लो, अतीत तो लौट-लौट के बार-बार आएगा और सर पर चढ़ेगा ही चढ़ेगा।
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आंसू अगर सच्चे हैं तो भीतर आनंद ही आनंद है
अगर आँसू सच्चे हैं तो उनका संबंध उत्सव और आनंद से है, उनका संबंध जाते हुए दुःख से है। आँसुओं के अर्थ ये नहीं है कि तुम दुखी हो, आँसुओं का अर्थ भी हो सकता है कि तुम आनंदित हो। मुक्त अनुभव कर रहे हो, भीतर की जकड़ को छोड़ने के लिए।
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आज नॉन-वेज खाने का मन है?  || नीम लड्डू
Love
आज नॉन-वेज खाने का मन है? || नीम लड्डू
1min
12reads

“आज ज़रा नॉन-वेज (माँस) खाने का मन था!” अरे! नॉन-वेज क्या होता है? सीधे बोलो, “आज किसी की जान लेने का मन था। आज किसी की गर्दन पर छुरी चलाने का मन था।“ पर ये बात बोलोगे तो तुम्हें ही अच्छा नहीं लगेगा। तो कहते हो, “चलो जी थोड़ा नॉन-वेज…

ईश्वर ने कहा है पशु मारने और खाने को? || (2020)
Animal Cruelty
ईश्वर ने कहा है पशु मारने और खाने को? || (2020)
43min
11reads

आचार्य प्रशांत: बीच-बीच में मैं टि्वटर पर सब जीवों पर, पशुओं पर करुणा के पक्ष में ट्वीट करता रहता हूँ। तो प्रश्नकर्ता ने उसपर एक चर्चा आरंभ करी है। बहुत अच्छा लगा कि आपने इस संवाद की पहल करी। तो जो जो बातें आप सामने अपनी रखते रहे हैं उन…

अपने गूंगे-बहरे भाई को मारना सेब खाने जैसा है (गज़ब तर्क!) || (2021)
Animal Cruelty
अपने गूंगे-बहरे भाई को मारना सेब खाने जैसा है (गज़ब तर्क!) || (2021)
11min
18reads

आचार्य प्रशांत: हमारा एक वीडियो है अंग्रेजी में जिसका शीर्षक है इफ किलिंग इस बैड व्हाई डस कार्निवोरस एसिस्ट? (यदि मारना बूरा है तो प्रकृति में माँसाहारी जानवर क्यों हैं?)

तो इसपर प्रश्नकर्ता ने सवाल भेजा है। कह रहे हैं कि, "मानों अगर आपके भाई को कोई मार दे जिन्हें…

जानवरों का शोषण करने की सज़ा
Animal Cruelty
जानवरों का शोषण करने की सज़ा
35min
15reads

प्रश्नकर्ता: पश्चिम में जानवरों का मांस और जानवरों से उत्पन्न उत्पाद को खाने में प्रचूरता से उपयोग में लाया जाता है। पश्चिम के लोग शारीरिक दृष्टि से भी संमृद्ध हैं और आर्थिक दृष्टि से भी।

तो क्या प्रकृति को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता? और अगर पड़ता है तो किस…

हथिनी की हत्या पर घड़ियाली आँसू
Animal Cruelty
हथिनी की हत्या पर घड़ियाली आँसू
7min
21reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी नमस्ते! हाल ही में एक हथिनी की हत्या के संबंध में देश में बहुत खलबली रही। आचार्य जी उस हथिनी में ऐसा क्या था कि पूरा देश ही भावुक हो गया? वो लोग भी जो रोज़ जानवर खाते हैं वो सोशल मीडिया पर आकर बयान देने लग…

हिंसा क्या है? उचित कर्म और अहंकार को कैसे जानें?
Ego
हिंसा क्या है? उचित कर्म और अहंकार को कैसे जानें?
12min
48reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी हिंसा की जो बात हो रही थी अभी उसके बारे में एक प्रश्न था कि कभी ऐसी स्थिति बन जाए कि आत्मरक्षा के लिए, या किसी निर्दोष की रक्षा के लिए हिंसा करनी पड़ जाए या हो जाए अचानक से, तो वह हिंसा होगी या नहीं?

आचार्य…

क्या सिखाना चाहती है कोरोना महामारी? || आचार्य प्रशांत, कोरोनावायरस पर (2020)
Social Issues
क्या सिखाना चाहती है कोरोना महामारी? || आचार्य प्रशांत, कोरोनावायरस पर (2020)
31min
11reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, आम जन मानस में ये धारणा घर करती जा रही है कि कोरोनावायरस ईश्वरीय प्रकोप है। कृपया कुछ कहें।

आचार्य प्रशांत: नहीं, ईश्वरीय प्रकोप वगैरह तो नहीं है। कोई ईश्वर नहीं बैठा है ऊपर आसमानों में जो वहाँ से वायरस बरसा रहा हो। लेकिन ये जो बात…

जीव-हत्या और अपराध भाव || आचार्य प्रशांत (2019)
Love
जीव-हत्या और अपराध भाव || आचार्य प्रशांत (2019)
7min
22reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, एक ओर मेरे घर में चूहे आते हैं तो मैं मार देता हूँ, और दूसरी ओर मेरी माँ गणेश जी से प्रार्थना करती हैं; ये हम दोनों की अलग-अलग प्रकृतियाँ हैं। क्या प्रकृति पर चलना अनुचित है?

आचार्य प्रशांत: जिसको तुम प्रकृति कह रहे हो, वास्तव में…

हिंसा क्या है?
Animal Cruelty
हिंसा क्या है?
27min
54reads

आचार्य प्रशांत: हिंसा क्या है? हिंसा की क्या परिभाषा है? हिंसा की हर परिभाषा से सबसे पहले ‘दूसरों’ को निकाल दें। हिंसा दूसरों से जुड़ी हुई चीज़ बहुत बाद में है, हिंसा का सर्वप्रथम आपसे ताल्लुक है। क्या है हिंसा?

श्रोतागण: दूसरे को कष्ट पहुँचना।

आचार्य प्रशांत: मैं जानता हूँ…

धर्म के नाम पर जानवरों की हत्या || आचार्य प्रशांत (2020)
Religion
धर्म के नाम पर जानवरों की हत्या || आचार्य प्रशांत (2020)
10min
20reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी प्रणाम, कुछ दिनों पहले मैं असम के गुवाहाटी शहर में स्थित एक देवी मंदिर में दर्शन की अभिलाषा से गया था। कुछ घण्टों तक लाइन में लग कर अपने नंबर का इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही लगा कि शायद अब दर्शन हो जाएँगे तो देखता हूँ…

क्या माँस खाना गलत है? || आचार्य प्रशांत (2018)
Animal Cruelty
क्या माँस खाना गलत है? || आचार्य प्रशांत (2018)
6min
10reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, फल और सब्ज़ी हम इसलिए खाते हैं क्योंकि उनके दर्द को अनुभव नहीं कर पाते, परंतु जानवर के विषय में ऐसा नहीं है। दर्द दोनों को ही होता है, फिर क्या सही है और क्या ग़लत?

आचार्य प्रशांत: जानवर वगैरह की परवाह छोड़ो, चाहे जानवर हो, सब्ज़ी…

जानवरों का बंध्याकरण कितना ज़रूरी है? || (2018)
Animal Cruelty
जानवरों का बंध्याकरण कितना ज़रूरी है? || (2018)
4min
20reads

प्रश्नकर्ता: पशुओं का परिवार नियोजन कैसे करें, और क्या नियोजन करना सही है?

आचार्य प्रशांत: प्रकृति इस बात से बिलकुल सरोकार नहीं रखती कि तुम्हारे जीवन की गुणवत्ता क्या है। उसको सरोकार बस इस बात से होता है कि जीव कितने हैं। जीवन की गुणवत्ता क्या है, इससे प्रकृति को…

जानवरों के प्रति संवेदना || (2018)
Animal Cruelty
जानवरों के प्रति संवेदना || (2018)
8min
39reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, अकसर सड़कों पर जानवरों को मृत देखता हूँ, देखकर वेदना भी उठती है। और यह भी देखता हूँ कि मैं किस प्रकार उस वेदना का गला घोट देता हूँ और आगे बढ़ जाता हूँ। कहाँ चूक हो रही है?

आचार्य प्रशांत: चूक यह हो रही है कि…

अन्याय और न्याय क्या हैं? || (2016)
Social Issues
अन्याय और न्याय क्या हैं? || (2016)
3min
50reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, न्याय और अन्याय क्या हैं?

आचार्य प्रशांत: दो चीजें होती हैं अक्सर, जिन्हें हम ‘अन्याय’ का नाम देते हैं।

एक तो यह कि अगर विभिन्नता है, तो अक्सर हम उसे ‘अन्याय’ बोल देते हैं। विभिन्नता अन्याय नहीं है। किसी के पास कम है, किसी के पास ज़्यादा…

जानवर को इंसान मत बनाओ || आचार्य प्रशांत (2013)
Animal Cruelty
जानवर को इंसान मत बनाओ || आचार्य प्रशांत (2013)
12min
48reads

प्रश्न: हम प्रकृति के नियम का पालन कैसे करें?

वक्ता: प्रकृति के नियम तो चल ही रहे हैं। आप कौन से प्रकृति के नियम का उल्लंघन कर पा रहे हो।

श्रोता: जैसे हम हवा प्रदूषित करते हैं।

वक्ता: तो उसका नियम है, प्रदूषित करोगे तो डंडा पड़ेगा, डंडा पड़ रहा…

जीवहत्या और हिंसा || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)
Animal Cruelty
जीवहत्या और हिंसा || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)
12min
29reads

प्रश्न: सर हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि जीव हत्या करना पाप है, पर फिर भी जीवों की हत्या होती रहती है। कभी धर्म के नाम पर, कभी खाने के नाम पर। ऐसा क्यों होता है सर?

वक्ता: ये तुम दूसरों की बात कर रहे हो या अपनी?…

हम पशुओं को क्यों मारते हैं? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
Animal Cruelty
हम पशुओं को क्यों मारते हैं? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
16min
16reads

वक्ता: तीन-चार सवाल हैं जिनको हम कह रहे हैं कि ऐसे सवाल हैं जिनको हम आमतौर पर जीवन से दूर ही रखते हैं, जिनको हम पूछना नहीं चाहते| पहला सवाल है: ‘जीव हत्या क्या है?’ हम जीवों को क्यों मारते हैं? तुमने जो अगला सवाल लिखा है वो पहले से…

राजनीति में अध्यात्म क्यों ज़रूरी?
Beliefs
राजनीति में अध्यात्म क्यों ज़रूरी?
1min
19reads
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अध्यात्म की रोशनी जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ती है, तो राजनीति पर भी पड़ेगी ही पड़ेगी। ऐसा कुछ नहीं है कि आध्यात्मिक आदमी राजनीति के प्रति अंधा हो जाता है। बल्कि हक़ीक़त तो यह है कि राजनीति को आध्यात्मिक लोगों की बहुत सख़्त ज़रूरत है, क्योंकि राजनेता ताक़त की ऐसी गद्दियों पर बैठते हैं, जहाँ से वो आपके जीवन को बहुत तरीके से प्रभावित करते हैं। राजनेता अगर आध्यात्मिक नहीं है, तो देश रसातल में जाएगा। राजनीति त्यागनी नहीं है, सही राजनीति करनी है।https://acharyaprashant.org/en/articles/raajneeti-mein-adhyatm-kyon-zaroori-1_795988a15

Test sanity article
Confusion
Test sanity article
1min
32reads
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“माँसाहार गरीबों के लिए वरदान है क्योंकि माँसाहार के माध्यम से गरीबों को सस्ता प्रोटीन मिल जाता है।“ १ ग्राम प्रोटीन अगर आप मटन से लेते हैं तो लगते हैं ३ रुपये। उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप अंडे से लेते हैं तो लगते हैं १ रुपय ३० पैसे, उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप चिकन से लेते हैं तो लगता हैं १ रुपया।

इन्द्रियों पर विजय कैसे प्राप्त करें? कर्म और अकर्म क्या?
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इन्द्रियों पर विजय कैसे प्राप्त करें? कर्म और अकर्म क्या?
16min
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श्रद्धावान् लभते ज्ञानं तत्पर: संयतेन्द्रिय: | ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति || ४, ३९ || जितेन्द्रिय, साधनापरायण और श्रद्धावान मनुष्य ज्ञान को प्राप्त होता है तथा ज्ञान को प्राप्त होकर वह बिना विलम्ब के तत्काल ही भगवत्प्राप्तिरूप शान्ति को प्राप्त हो जाता है। —श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय ४, श्लोक ३९प्रश्नकर्ता: आचार्य जी,…

सुंदर होने के फायदे बहुत हैं! मगर… || नीम लड्डू
Suffering
सुंदर होने के फायदे बहुत हैं! मगर… || नीम लड्डू
1min
17reads

अजीब सी स्थिति यह है कि एक साधारण दिखने वाली लड़की से शायद ज़्यादा मुश्किल है एक सुंदर लड़की की ज़िंदगी, क्योंकि उसके खरीददार बहुत ज़्यादा हैं और उसे बहुत कुछ मिल जाएगा। और यह जो तुमको मिल जाएगा न अपनी सुंदरता के कारण, यही नर्क है तुम्हारा। तुमको लगेगा,…

समाज में गन्दगी के लिए सिनेमा कैसे ज़िम्मेदार? || नीम लड्डू
Flesh Eating
समाज में गन्दगी के लिए सिनेमा कैसे ज़िम्मेदार? || नीम लड्डू
2min
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एक बार आप कहीं के लोगों की आदत डलवा दें, कि तुम्हें माँस-ही-माँस खाना है, बिलकुल सब और तला-भुना भी खाना है। अब क्षेत्र में अगर कोई आकर के सेहतमंद खाना बेचना भी चाहे तो उसका रेस्तराँ बंद हो जाएगा कि नहीं हो जाएगा?

तो यह लोग जो गंदगी फैला…

सबसे ख़तरनाक नशा  || नीम लड्डू
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सबसे ख़तरनाक नशा || नीम लड्डू
1min
7reads
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तुम्हारे सामने पहलवान खड़ा हो लड़ाई के लिए, और तुम उस वक़्त कहो कि, “मैं अब ज़रा दंड-बैठक करता हूँ, शरीर बनाता हूँ”, तो तुम पिटोगे ही नहीं, बहुत बुरी तरह पिटोगे!

एक सज्जन थे, उन्हें सलाह दी गई थी कि, ‘साहब! आपका कॉलेस्ट्रॉल बहुत बढ़ गया है, तो आप…

रोकिए उन्हें जो दुर्व्यवहार करते हैं आपसे || नीम लड्डू
Suffering
रोकिए उन्हें जो दुर्व्यवहार करते हैं आपसे || नीम लड्डू
1min
7reads

दूसरे आपका हाथ मरोड़ रहे हैं, समझिए क्यों। क्योंकि आप हाथ मरोड़वाने के लिए तैयार खड़े हैं।

धोखा एक बार हो सकता है न, बार-बार हो तो इसका क्या मतलब है? कोई व्यक्ति आपके साथ एक बार दुर्व्यवहार कर गया, ठीक। बार-बार कर रहा है, क्या मतलब है इस बात…

माँस खाने वालों को एक ज़रूरी सूचना || नीम लड्डू
Climate Change
माँस खाने वालों को एक ज़रूरी सूचना || नीम लड्डू
1min
20reads

जहाँ माँस खाना शुरू किया, तहाँ समझ लो कि आप कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ाने वालों की कतार में शामिल हो गए। उपभोग के माध्यमों में जो चीज़ ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक उष्मीकरण) के लिए सबसे ज़्यादा घातक है वो है माँस का सेवन। माँस का सेवन समझ रहे हैं सबसे ज़्यादा घातक…

ब्रेकअप का दर्द || नीम लड्डू
Suffering
ब्रेकअप का दर्द || नीम लड्डू
1min
17reads

हर आदमी अपनी नज़र में नाकाम आशिक़ बन कर घूम रहा है। बहुतों का तो ब्रेकअप तब हो जाता है जब उनका कोई अफ़ेयर भी नहीं था। कहो, “क्यों इतने उदास हो?” “ब्रेकअप हो गया है!” तेरा अफ़ेयर कब था भाई? पर ब्रेकअप में जो रुहानी आनंद है वो तो …

बेपरवाह जियो, बुलंद जियो  || नीम लड्डू
Clarity
बेपरवाह जियो, बुलंद जियो || नीम लड्डू
1min
6reads

ये खिसिआना, ये चिढ़चिढ़ाना, ये तनाव, ये खींझ, ये क्रोध, ये उदासी, ये सूनापन, ये भाव कि ‘जीवन ने हमारे साथ अन्याय किया है, हम शोषित हैं, हम शिकार हैं’, ये क्या कर रहा है हमारे साथ? कहीं का छोड़ रहा है हमको? और क्या हम सब इसी भाव में…

बदला लेने का एक तरीका || नीम लड्डू
Suffering
बदला लेने का एक तरीका || नीम लड्डू
1min
10reads

जिसने तुमको चोट पहुँचाई उसने तुमको इसीलिए चोट पहुँचाई न कि तुम्हें वो चोट पहुँचाए और तुम आंतरिक रुप से आहत हो जाओ? तो दुश्मन को तुम्हारा करारा-से-करारा जवाब क्या हो सकता है? उसके उद्देश्य को पूरा मत होने दो।

वह सोच रहा था कि वो तुमको गाली दे देगा…

पता नहीं कौन सा नशा करता है || नीम लड्डू
Suffering
पता नहीं कौन सा नशा करता है || नीम लड्डू
1min
11reads

तुम बहुत चीज़ों को लेकर परेशान हो, ज़िन्दगी के तमाम झंझट हैं, ये है, वो है और लग गए एक गेम (खेल) खेलने। अब वो जो गेम खेल रहे हो तुम वो नशे की तरह तुम्हें थोड़ी देर के लिए भुलवा देगा कि तुम कितने परेशान हो।

पर कोई भी…

दुनिया के बाप रहो || नीम लड्डू
Suffering
दुनिया के बाप रहो || नीम लड्डू
1min
13reads

दुनिया के बाप रहो! ना सिर्फ़ तुम्हें चोट नहीं लगनी चाहिए बल्कि तुम में इतनी करुणा होनी चाहिए कि मारने वाले से भी पूछो, “हाथ तो नहीं टूट गया तेरा?”

पहली बात तो फ़ौलाद जैसा होना चाहिए तुमको कि कोई तुम्हें मार भी रहा है तो तुम्हें कुछ नहीं हो…

दर्द छुपा कर जीने वाले  || नीम लड्डू
Suffering
दर्द छुपा कर जीने वाले || नीम लड्डू
2min
9reads

हम छुपे हुए दर्द में जीनेवाले लोग हैं, पूरी दुनिया के सब लोग हैं, छुपे हुए दर्द में ही जी रहे हैं। यह सब जो हँसते हुए, मुस्कुराते हुए लोग तुमको चारों ओर दिख रहे हैं, यह हँस-मुस्कुरा सिर्फ़ इसलिए रहे हैं क्योंकि इन्हें अपनी छाती का दर्द का कुछ…

तुम्हारी सुन्दरता ही तुम्हारा नर्क है || नीम लड्डू
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तुम्हारी सुन्दरता ही तुम्हारा नर्क है || नीम लड्डू
1min
8reads

अजीब सी स्थिति ये है कि एक साधारण सी दिखनेवाली लड़की से शायद ज़्यादा मुश्किल है एक सुंदर लड़की की ज़िंदगी। क्योंकि उसके खरीददार बहुत ज़्यादा हैं, और उसे बहुत कुछ मिल जाएगा। और यह जो तुमको बहुत कुछ मिल जाएगा न अपनी सुंदरता के कारण, यही नर्क है तुम्हारा।…

ठूसते जाना रोते जाना  || नीम लड्डू
Suffering
ठूसते जाना रोते जाना || नीम लड्डू
1min
11reads

तुम मुझे एक आदमी दिखा दो जो इन दोनों कामों के अलावा कोई तीसरा काम करता हो। आम व्यक्ति का सारा जीवन इन्हीं दो कामों में जा रहा है कि नहीं? पहला, ठूसना – और मैं सिर्फ़ मुँह से ठूसने की बात नहीं कर रहा, जेब में ठूसना, आँख में…

जो चाहोगे बन जाओगे || नीम लड्डू
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जो चाहोगे बन जाओगे || नीम लड्डू
2min
7reads

यह जो सड़क पर आदमी चलता है न, जिसको तुम 'कॉमन मैन' (आम आदमी) बोलते हो, उसकी शक्ल ध्यान से देखो; वो तुम हो। और अगर वैसा ही हो जाना है तो फिर कोई बात नहीं। बिलकुल तयशुदा कहानी है, उसमें कोई बड़े उतार-चढ़ाव नहीं हैं। उस कहानी…

जिनका दिल दुखता हो || नीम लड्डू
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जिनका दिल दुखता हो || नीम लड्डू
2min
5reads

तुम जंगल में शेर को हिरण का शिकार करके खाते देखते हो तो तुम्हारा दिल टूट जाता है क्या? बुरा लगता भी होगा तो थोड़ा-बहुत, क्योंकि जानते हो कि ये तो जंगल है यहाँ तो ये होना-ही-होना है। तो जंगल में तुम्हें बुरा नहीं लगेगा।

लेकिन एक शहर की गलियों…

छोड़िए फ़िज़ूल लोगों को || नीम लड्डू
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छोड़िए फ़िज़ूल लोगों को || नीम लड्डू
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इतनी बड़ी भारी तुम्हारे साथ त्रासदी हो गई कि तुम आत्महत्या की सोचने लग गईं? तुम्हारा जीवन इतना फ़िज़ूल है? एक फ़िज़ूल आदमी तुम्हारी ज़िंदगी में आता है तुम्हारे साथ कुछ फ़िज़ूल की हरकतें करता है और तुम आँसुओं में डूबी हुई हो कि, “अरे! मैं डिप्रेस्ड हो गई” तुम्हें…

ग़लती कर बैठे? तो ये सुनो! || नीम लड्डू
Emotions
ग़लती कर बैठे? तो ये सुनो! || नीम लड्डू
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कोई तुम्हें तुम्हारी ग़लती दिखाए और बुरा अगर तुम्हें लगता है, तो तुम जवान कभी-भी होने से रहे। जिसे जवान होना होता है वो अपनी ग़लतियों का सामना करता है। बहुत होते हैं मोटी खाल के बेशर्म टट्टू, उन्हें कोई फ़र्क ही नहीं पड़ता। उन्हें दिख रहा होगा कि ज़िंदगी…

खूबसूरत रिश्ता खोने का दुःख || नीम लड्डू
Suffering
खूबसूरत रिश्ता खोने का दुःख || नीम लड्डू
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प्रश्नकर्ता: ज़िंदगी में कोई प्रिय है, जिसे हम बहुत ज़्यादा चाहते हैं, उसे हम खो देते हैं – तो वो अच्छा कैसे हो सकता है फिर? आचार्य प्रशांत: वो आपको बताएगा कि आपको जो दुःख हो रहा है, वो आपके प्रिय के साथ आपका जो रिश्ता था, उसकी अपूर्णता का…

क्रिकेट देखने का मज़ा ही तब है || नीम लड्डू
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क्रिकेट देखने का मज़ा ही तब है || नीम लड्डू
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मैं वनडे(एक दिवसिय) देखता नहीं, टी-२० देखता नहीं, मैं सिर्फ़ टेस्ट मैच देखता हूँ; वह भी तब जब भारत जाता है – वो ही जो सेना कंट्रीज़ हैं चार, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया – और उसमें भी तब देखता हूँ जब टीम की हालत बिलकुल ख़राब हो, क्योंकि…

क्या काम करूँ समझ नहीं आता || नीम लड्डू
Suffering
क्या काम करूँ समझ नहीं आता || नीम लड्डू
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अगर यही बात है कि काम चुनना है कि, “काम क्या करें?” वह काम चुनो जिसमें तुम सबसे कमज़ोर हो। लेकिन अगर ऐसा काम चुनोगो तो तनख्वाह भी कम मिलेगी तो अधिकांश लोग वह काम चुनते हैं जिसको बोलते हैं, ‘मेरी स्ट्रेंथ (शक्ति)।‘ जबकि आध्यात्मिक दृष्टि से देखो तो तुम्हें…

काम तो राम ही आएँगे || नीम लड्डू
Compassion
काम तो राम ही आएँगे || नीम लड्डू
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सागर पार करके लंका पहुँचने हेतु पुल बन रहा था। उसमें यह सब वानर, भालू सब लगे हुए थे, हनुमान तो थे ही, इंजीनियर थे नल-नील, यह सब। और वहाँ एक फुदकी गिलहरी, वो भी लगी हुई है साथ में पूँछ उठाए। वह क्या कर रही है? वह बालू के…

आप बेवकूफ़ बने रहिए || नीम लड्डू
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आप बेवकूफ़ बने रहिए || नीम लड्डू
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जो लोग ग़लत राह पर चल रहे हों, और सफल आदि होते दिखाई देते हों, समृद्ध होते दिखाई देते हों, मौज मारते दिखाई देते हों, उनको देख कर कभी मन छोटा मत कीजिएगा। उनकी सफलता, उनकी समृद्धि, उनकी मौज बहुत सतही है। अंदर-ही-अंदर महा दुःख है उनमें। उनके लिए प्रार्थना…

अरे! आदमी की अकड़ तो देखो || नीम लड्डू
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अरे! आदमी की अकड़ तो देखो || नीम लड्डू
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अभी मर जाओ तो तुम्हारी देह को लोग कहेंगे, “वह मिट्टी रखी है, मिट्टी।“ यह हैसियत है हमारी गंभीरता की। यह भी नहीं कहेंगे कि, “वह नवीन रखा है”, क्या कहेंगे? “मिट्टी रखी है; वह मिट्टी।“ और जब तक साँस चल रही है तब तक बड़े गंभीर हो, “अरे! दर्द-ए-दिल,…

अकेले रह जाना ही बेहतर है || नीम लड्डू
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अकेले रह जाना ही बेहतर है || नीम लड्डू
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अकेले रह जाना कहीं अच्छा है साँप-बिच्छुओं के साथ रह जाने से, है न? भूखे रह जाना कहीं अच्छा है ज़हर पी जाने से। प्रतीक्षा कर लो, इंतज़ार कर लो, प्रतीक्षा में भी परमात्मा होता है। जब तुम कहते हो, ‘कोई मिला नहीं ऐसा जो तेरी तरफ़ ला सके इसलिए…

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क्या बच्चे भगवान का रूप होते हैं? || पंचतंत्र पर (2018)
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प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, अगर शांति के लिए कोई कर्तव्य या वादा तोड़ना पड़े, तो उससे क्या कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता?

आचार्य प्रशांत: शांति के लिए वादे रखने भी पड़ सकते हैं।

प्र: जैसे मैं भीष्म की बात कर रहा हूँ।

आचार्य: हाँ, ठीक है। शांति इतनी ऊँची चीज़ है कि…

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