आचार्य जी, आप इतना धीरे क्यों बोलते हैं? || आचार्य प्रशांत (2020)
आचार्य प्रशांत
लोग सोशल मीडिया पर घटिया और बचकानी पोस्ट्स क्यों डालते हैं? || आचार्य प्रशांत (2020)
गहरी बातें करो, तो लोग दूर क्यों भागते हैं? || आचार्य प्रशांत (2020)
ये प्रेम नहीं है || आचार्य प्रशांत (2020)
विदेशी कंपनियाँ और बाज़ारवाद: पतन भाषा, संस्कृति व धर्म का || आचार्य प्रशांत (2020)
किनसे प्रभावित हों? कौन हों आपके आदर्श? || आचार्य प्रशांत (2020)
नया डराता है नया ही बुलाता है, नया मृत्यु है नया ही जीवन है || आचार्य प्रशांत (2016)
HIDP और सीधा समाधान || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
आचार्य जी, आप निंदा क्यों करते हैं? || आचार्य प्रशांत (2020)
हथिनी की हत्या पर घड़ियाली आँसू || आचार्य प्रशांत (2020)
तुम्हारी प्रकृति है भूल जाना, और स्वभाव भूलकर भी न भूल पाना ||आचार्य प्रशांत, संत दादूदयाल पर (2015)
HIDP है खुद को देखने के लिए || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
मेरे विचार मेरे हैं या सामाजिक? || आचार्य प्रशांत (2016)
कैसे जानूँ क्या सही है क्या गलत? || आचार्य प्रशांत (2016)
We all bleed red || Acharya Prashant, on George Floyd's tragic death (2020)
Acharya Prashant
धीरज है सच की धारणा, दिखता न हो तब भी मानना || आचार्य प्रशांत (2016)
हृदय का अर्थ क्या है? || आचार्य प्रशांत (2016)
प्राण क्या है? || आचार्य प्रशांत (2016)
गुरु से सीखें या जीवन के अनुभवों से? || आचार्य प्रशांत, आजगर गीता पर (2020)
जब भीतर-बाहर मृत्यु दिखती है, तब ही व्यक्ति धार्मिक होता है || आचार्य प्रशांत, आजगर गीता पर (2020)
जीवन में अगर कई चीज़ें आकर्षित करती हों || आचार्य प्रशांत (2020)
जो जीवन को मृत्यु जाने, वो मृत्यु के पार हुआ || आचार्य प्रशांत, आजगर गीता पर (2020)
बॉस से तनाव, स्वरोज़गार, व आध्यात्मिकता || आचार्य प्रशांत (2018)
क्या प्रबोध (enlightenment) निजी अनुभव की कोई घटना होती है? || आचार्य प्रशांत (2020)
मुक्ति के साधक के लिए नौकरी उचित या व्यवसाय? || आचार्य प्रशांत (2020)
गृहस्थ हो भी गए हो, तो भीतर आत्मस्थ रहो || आचार्य प्रशांत, परमहंस गीता पर (2020)
समय चक्रीय होता है या रेखीय? || आचार्य प्रशांत (2016)
What is it to act just as an apparent cause ('Nimitt Maatr')? || Acharya Prashant, on Bhagavad Gita
जानना और श्रद्धा काफी हैं || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
मन की दौड़ और जीत का भ्रम || आचार्य प्रशांत, गुरु नानकदेव पर (2014)